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कोरोना इफेक्ट : बांका में शिव शक्ति महारुद्र यज्ञ का आयोजन स्थगित

धरी रह गयीं समस्त तैयारियां, निराश हुए श्रद्धालुगण

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बांका लाइव ब्यूरो : जानलेवा वायरस कोरोना के विश्वव्यापी प्रकोप और इससे बचाव को लेकर चलाए जा रहे एहतियाती अभियान के बीच बांका में बहुप्रचारित शिव शक्ति महारुद्र यज्ञ का आयोजन स्थगित कर दिया गया है। यज्ञ आयोजन के स्थगन से हालांकि श्रद्धालुगण निराश हैं, लेकिन कोरोना के बढ़ते प्रकोप को लेकर चिंतित श्रद्धालुओं ने आयोजकों के इस निर्णय का स्वागत भी किया है।

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बांका शहर के पूर्वी छोर पर स्थित चांदन नदी के एमआरडी घाट पर छठ मंदिर एवं त्रिलोकीनाथ के समीप शिव शक्ति महारुद्र यज्ञ का चिर प्रतिक्षित आयोजन 14 मार्च से 24 मार्च तक होना था। इस एक ग्यारह दिवसीय अनुष्ठान को लेकर व्यापक तैयारियां की गई थीं। लेकिन कोरोना की वजह से सारी तैयारियां फिलहाल धरी रह गयीं।

बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी वाराणसी से पधारे राष्ट्रीय संत धर्म प्रचारक क्रांतिकारी नागा बाबा के सानिध्य में इस महायज्ञ के आयोजन की तैयारियां चल रही थीं। यज्ञ के लिए विशाल 11 कुंडीय मंडप भी बन चुके हैं। आज यज्ञ की विधिवत शुरुआत 1108 महिलाओं एवं कन्याओं की कलश शोभायात्रा से होने वाली थी।

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क्रांतिकारी नागा बाबा ने बताया कि हजारों की संख्या में आज कलश शोभायात्रा में शामिल होने के लिए महिला श्रद्धालु भी यज्ञ स्थल पर पहुंच चुकी थीं। लेकिन इसी बीच अनुमंडल दंडाधिकारी ने दूरभाष पर उनसे कोरोना वायरस के प्रकोप एवं चल रही एहतियातन तैयारियों को देखते हुए यज्ञ का आयोजन फिलहाल स्थगित करने की बात कही।

उन्होंने कहा कि अनुमंडल दंडाधिकारी के आग्रह पर यज्ञ को स्थगित कर दिया गया है। हालांकि यज्ञ की समस्त तैयारियां पूरी हो गई थीं कल से हवन आरंभ होने वाला था। अयोध्या एवं वृंदावन से विद्वान भी यहां प्रवचन के लिए पधार चुके थे। यज्ञ परिसर के आसपास मेला- तमाशा एवं दुकानें भी सज चुकी थीं।

यज्ञ आयोजन समिति से जुड़े बांका चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष सच्चिदानंद तिवारी, अधिवक्ता बाबू लाल यादव एवं समाजसेवी ओम प्रकाश गुप्ता आदि ने कहा कि देशभर में कोरोना का खौफ है। बिहार में भी सरकार ने स्कूल-कॉलेज एवं थिएटर आदि बंद कर दिए हैं। भीड़-भाड़ से बचने की सलाह दी जा रही है। ऐसे में यज्ञ के आयोजन के स्थगन का प्रस्ताव बहुत अप्रत्याशित नहीं है। निश्चय ही इस निर्णय से श्रद्धालुओं को निराशा हुई है, लेकिन वर्तमान परिस्थिति में यह निर्णय समीचीन है।

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