अपराधबांकाबिहार

फर्जी परीक्षार्थियों के बड़े रैकेट का पर्दाफाश, तीन पकड़े गए, एक दर्जन ने परीक्षा छोड़ी

Banka Live On Telegram

बांका लाइव ब्यूरो : बांका जिले में फर्जी परीक्षार्थियों के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। यहां चल रही इंटरमीडिएट की परीक्षा में रैकेट से जुड़े तीन फर्जी परीक्षार्थियों का भंडाफोड़ हुआ। इनमें से दो को गिरफ्तार कर लिया गया। फर्जी परीक्षार्थियों के लगातार पकड़े जाने के बाद करीब दर्जनभर ऐसे संदिग्ध फर्जी परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी है।

images 2021 02 04 bankalive 03 - Banka Live
प्रतीकात्मक चित्र

इंटरमीडिएट परीक्षा के पहले 2 दिनों में लगातार एक ही केंद्र से दो फर्जी परीक्षार्थी धरे गए, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। जिले के अमरपुर प्रखंड अंतर्गत शाहपुर परीक्षा केंद्र से दोनों फर्जी परीक्षार्थी सोमवार और मंगलवार को गिरफ्तार किए गए। जबकि बुधवार को बांका शहर के पीटीजे महिला कॉलेज में भी एक फर्जी परीक्षार्थी को चिन्हित किया गया। लेकिन यह फर्जी परीक्षार्थी किसी तरह चकमा देकर फरार होने में कामयाब रहा।

बांका जिले में फर्जी परीक्षार्थियों के पकड़े जाने का सिलसिला शुरू होने का परिणाम यह हुआ कि संदिग्ध रूप से इस रैकेट से जुड़े करीब दर्जनभर ऐसे परीक्षार्थियों ने खुद को परीक्षा से अलग कर लेने में ही अपनी भलाई समझी। बुधवार को जो रिपोर्ट सामने आई, उसके मुताबिक अमरपुर प्रखंड के शाहपुर परीक्षा केंद्र से 7 परीक्षार्थी गायब रहे। माना जा रहा है कि वे संदिग्ध रूप से फर्जी परीक्षार्थी थे।

Banka Live Offer

इधर बांका जिला मुख्यालय स्थित पीबीएस कॉलेज से एक, पीटीजे महिला कॉलेज से दो, समुखिया मोड़ से एक तथा धौनी में एक परीक्षार्थी भी बुधवार को परीक्षा से अनुपस्थित रहे। इनके बारे में भी संदेह व्यक्त किया जा रहा है कि वे संभवत फर्जी थे और इसी वजह से उन्होंने खुद को परीक्षा से अलग कर लिया। बुधवार को अंग्रेजी की परीक्षा थी। सवाल उठता है कि जब पहले की परीक्षाओं में वे शामिल हो रहे थे, तब भाषा विषय की परीक्षा से उनकी अनुपस्थिति की आखिर क्या वजह हो सकती है। उनकी अनुपस्थिति से उनके फर्जी होने के संदेह को बल मिल रहा है।

पिछले कुछ वर्षों से बांका जिले में फर्जी परीक्षार्थियों का रैकेट फल फूल रहा है। हालांकि पहले इस रैकेट का दायरा अपेक्षाकृत छोटा रहा था। फर्जी परीक्षार्थी पहले भी पकड़े गए और उनके खिलाफ कार्रवाई हुई। कई बार तो रैकेट के सरगना तक भी पुलिस ने अपनी पहुंच बनाई और जरूरी कार्रवाई की। लेकिन इस बार इंटरमीडिएट की परीक्षा में एक के बाद एक लगातार तीन दिनों तक तीन फर्जी परीक्षार्थियों के सामने आने के बाद इस रैकेट के बढ़ते दायरे का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button