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बांका के सुप्रसिद्ध शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ सुनील झा बने मधुबनी के सिविल सर्जन

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बांका लाइव न्यूज़ डेस्क : बांका के सुप्रसिद्ध चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉक्टर सुनील कुमार झा मधुबनी के सिविल सर्जन बनाए गए हैं। इसके साथ ही राज्य के 16 जिलों में नए सिविल सर्जन की नियुक्ति की गई है। डॉक्टर झा उनमें से एक हैं। डॉक्टर सुनील कुमार झा वर्तमान में शेखपुरा जिला के अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी हैं।

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डॉ सुनील कुमार झा

डॉ सुनील कुमार झा ने बांका सदर अस्पताल में लंबे समय तक अपनी सेवा दी है। मेडिकल ऑफिसर के रूप में यहां उनकी पदस्थापना के बाद डॉ झा ने यहां सदर अस्पताल के उपाधीक्षक, संचारी रोग पदाधिकारी एवं प्रभारी सिविल सर्जन जैसी कई दायित्वपूर्ण जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया है।

बांका तथा आसपास के जिलों में एक बेहद कुशल और अनुभवी चाइल्ड स्पेशलिस्ट के रूप में प्रसिद्ध डॉक्टर झा संबंधित विषय में एमडी गोल्ड मेडलिस्ट हैं। उनकी पत्नी डॉ शैल झा भी एमडी सर्जन है और बांका की सुप्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। वह बांका सदर अस्पताल में पदस्थापित हैं।

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कुछ माह पूर्व डॉक्टर सुनील कुमार झा का स्थानांतरण बांका से शेखपुरा हो गया था जहां उन्हें अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी बनाया गया था। पहले सामान्य स्थितियों में और बाद में कोरोनावायरस के प्रकोप से उत्पन्न स्थितियों के दौर में उन्होंने शेखपुरा जिले में बढ़-चढ़कर अपनी जिम्मेदारियां निभाई।

इसी बीच, राज्य सरकार ने सोमवार को एक बड़े निर्णय के साथ राज्य के 16 जिलों में नए सिविल सर्जन की पदस्थापना की। इन्हीं में से एक डॉक्टर सुनील कुमार झा को मधुबनी का सिविल सर्जन बनाया गया है। डॉ झा ने आज बताया कि वह कल मधुबनी में सिविल सर्जन का पदभार ग्रहण करेंगे। उन्होंने कहा कि बेशक मधुबनी एक बड़े क्षेत्रफल और बड़ी आबादी वाला जिला है, लेकिन उपलब्ध संसाधन के साथ वह मधुबनी जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को अप टू डेट करने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे।

ज्ञात हो कि उनकी भूमिका की बांका में सदर अस्पताल के उपाधीक्षक और नोडल पदाधिकारी रहते हुए शराबबंदी के दौर में नशा मुक्ति केंद्र के संचालन एवं काउंसलिंग से संबंधित स्प्लेंडिड मैनेजमेंट की खूब प्रशंसा हुई थी। अपने काम के प्रति समर्पित और अध्येता वृत्ति के डॉक्टर झा मेडिकल साइंस के अद्यतन अनुसंधान एवं खोज पर गहराई से नजर रखते हुए जनहित में उनका इस्तेमाल करने के लिए भी खासतौर से जाने जाते हैं।

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