प्रसूता की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों का अस्पताल में हंगामा, तोड़फोड़

banka bihar

बांका LIVE डेस्क : प्रसव के दौरान प्रसूता की मौत हो जाने से आक्रोशित परिजनों तथा ग्रामीणों ने चिकित्सकों एवं कर्मियों पर भारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में जमकर उत्पात मचाया. वे आउटडोर में घुस गए तथा स्वास्थ्य कर्मियों को खदेड़ते हुए उन्होंने तोड़फोड़ की. इस दौरान अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी और भगदड़ का माहौल बन गया. सूचना पाकर भारी संख्या में पुलिस वालों के साथ अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले को शांत करने का प्रयास किया. लेकिन ग्रामीण मामले की जांच और संबंधित चिकित्सक व चिकित्सा कर्मी पर कार्रवाई की मांग करते रहे. अधिकारियों की काफी मिन्नत के बाद ग्रामीण शांत हुए. लेकिन तब तक अस्पताल की सूरत बिगड़ चुकी थी.

यह घटना बांका जिला अंतर्गत रजौन सरकारी अस्पताल की है. जानकारी के अनुसार रजौन प्रखंड के मिर्जापुर गांव के पाराशर शर्मा की पत्नी खुशबू शर्मा प्रसव के लिए रजौन अस्पताल में भर्ती हुई थी. अस्पताल में भर्ती होने के करीब 14 घंटे बाद उसने एक बच्ची को जन्म दिया. लेकिन प्रसव के बाद प्रसूता को अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा. इससे घबराकर अस्पताल के चिकित्सक ने उसे भागलपुर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल रेफर कर दिया. परिजन खुशबू शर्मा को जैसे-तैसे भागलपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले गए, लेकिन वहां उसकी मौत हो गई. वहां से वापसी के बाद उन्होंने रजौन अस्पताल पर धावा बोल दिया. बड़ी संख्या में जुटे परिजन एवं ग्रामीणों ने अस्पताल में जमकर बवाल काटा. वहां उन्होंने हंगामा एवं उत्पात मचाया. उन्होंने अस्पताल में तोड़फोड़ भी की तथा फर्नीचर एवं कागजात क्षतिग्रस्त कर दिए.

इस दौरान अस्पताल में अराजकता एवं भगदड़ की स्थिति रही. सूचना पाकर स्थानीय अधिकारी एवं सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे और स्थिति को शांत करने की कोशिश की. मृत प्रसूता के परिजनों एवं ग्रामीणों ने इस मामले में डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मी पर लापरवाही तथा मनमानी का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी की लापरवाही से प्रसूता की जान गई है. हलांकि डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मी का कहना है कि सब कुछ अपने हाथ में नहीं होता. उन्होंने इस मामले में अपने स्तर से जच्चा- बच्चा की अधिकतम निगरानी की है और उनके परिजनों का आरोप निराधार है.

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