बिहार-झारखंड के लिए वरदान सिद्ध होगा बांका अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट

40 हजार करोड़ की देश में अपने तरह की अनूठी होगी यह विश्वस्तरीय परियोजना 
Banka power plant

बांका LIVE डेस्क : बांका जिले में प्रस्तावित अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट के लिए ब्लूप्रिंट निर्माण का कार्य आरम्भ हो गया है. 40 हजार करोड़ की स्थापना लागत से 4000 मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता वाले इस पावर प्रोजेक्ट को लेकर सर्वे का काम लगभग पूरा हो चुका है. ब्लू प्रिंट के लिए सर्वे का काम पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन के अधीन विशेषज्ञों की एक टीम कर रही थी. जल्द ही इस प्रोजेक्ट की बिडिंग की प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी. इस प्रोजेक्ट के लिए जिले के बांका एवं कटोरिया प्रखंडों की सीमा पर स्थान चिन्हित किया गया है.

बांका अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट देश के उन 5 परियोजनाओं में शुमार है जहां इस तरह के पावर प्रोजेक्ट प्रस्तावित हैं. इनमें बांका के अलावा मध्य प्रदेश के सिंगरौली स्थित शासन, गुजरात के मुंदरा, झारखंड के झुमरी तिलैया तथा आंध्र प्रदेश के कृष्णा पट्टनम के नाम शामिल हैं. बांका अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता दे रखी है. यही वजह है कि इस प्रोजेक्ट पर काम जोर-शोर से आरंभ कर दिया गया है. अधिकारियों और विशेषज्ञों की टीम इस परियोजना को लेकर रात दिन एक कर रही है. केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट से वर्ष 2022 तक विद्युत उत्पादन शुरू कर देने का लक्ष्य रखा है. हलांकि व्यवहारिक तौर पर वर्ष 2026 तक इस प्रोजेक्ट की पहली इकाई से विद्युत उत्पादन शुरू होने की उम्मीद व्यक्त की जा रही है.

यह एक फ्लैगशिप प्रोजेक्ट है जिसका लक्ष्य सबसे सस्ते दाम पर बिजली उत्पादन करना है. प्रोजेक्ट के लिए पानी, कोयला, रेलवे, जमीन एवं प्रदूषण नियंत्रण को लेकर संसाधनों की उपलब्धता को हरी झंडी लगभग मिल चुकी है. अब बस इन संसाधनों और रास्तों को लेकर व्यवहारिक पहलुओं पर अध्ययन चल रहा है. इस पावर प्रोजेक्ट के कर्ताधर्ता पावर फाइनेंस कारपोरेशन के एक आधिकारिक सूत्र ने बताया कि बांका अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट पूरी तरह इको फ्रेंडली परियोजना होगी. क्षेत्र के पर्यावरण को इस परियोजना की स्थापना में खास तौर पर ध्यान में रखा जाएगा. परियोजना का ब्लूप्रिंट शीघ्र ही बनकर तैयार हो जाएगा. इसके साथ ही इसे धरातल पर उतारने की प्रक्रिया आरंभ कर दी जाएगी.

Exit mobile version