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BREAKING : साइबर अपराधियों ने बांका के एक वरीय चिकित्सा पदाधिकारी के खाते से 6.20 लाख उड़ाए

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बांका लाइव ब्यूरो : साइबर अपराधियों ने एक बार फिर आंखों में धूल झोंकते हुए बांका के एक सीनियर डॉक्टर के बैंक खाते से 6.20 लाख रुपए उड़ा लिए। यह राशि भारतीय स्टेट बैंक की बांका शाखा से उड़ा ली गई है। बताया जा रहा है कि इस कारस्तानी को जामताड़ा क्षेत्र में सक्रिय साइबर अपराधियों ने अंजाम दिया है। डॉक्टर ने इस मामले की रिपोर्ट बांका थाना में दर्ज कराई है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

जानकारी के अनुसार बांका के जिला वेक्टर बॉर्न डिजीज पदाधिकारी डॉ वीरेंद्र कुमार यादव को 2 दिन पूर्व यानी 29 अगस्त को अपराहन 3:42 पर उनकी मोबाइल पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने अपना परिचय भारतीय स्टेट बैंक की बांका मुख्य शाखा के मैनेजर के रूप में दिया।

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डॉ वीरेंद्र कुमार यादव

डॉ यादव ने बताया कि खुद को बैंक मैनेजर बताते हुए कॉल करने वाले व्यक्ति ने उनके अकाउंट को नेट बैंकिंग सिस्टम से लिंक करने की बात कहकर उनसे आधार कार्ड, पैन कार्ड एवं पासबुक के पहले पन्ने की कॉपी व्हाट्सएप पर मांगी। उक्त अज्ञात व्यक्ति ने इसके लिए डॉक्टर को एक व्हाट्सएप नंबर भी दिया।

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खुद को बैंक मैनेजर कहते हुए अज्ञात व्यक्ति ने डॉ यादव की नेट बैंकिंग के साथ-साथ योनो एप भी डाउनलोड एवं एक्टिवेट करवा देने की बात कही। विश्वास में आकर डॉक्टर ने दिए गए व्हाट्सएप नंबर पर आधार कार्ड, पैन कार्ड और पासबुक के पहले पेज की कॉपी भेज दी।

डॉ यादव के अनुसार कल रविवार को बैंक बंद था। आज सोमवार को उन्हें उनके खाते से 20 हजार रुपए की निकासी का मैसेज आया। जबकि उन्होंने कोई राशि नहीं निकाली थी। इसके बाद उनके कान खड़े हुए और वे वेरिफिकेशन के लिए बैंक गए। बैंक में उन्हें बताया गया कि उनके खाते से सिर्फ यही 20 हजार नहीं, बल्कि 2 दिन पूर्व भी 6 लाख रुपये निकाले गए हैं। जबकि इस दौरान कोई भी राशि डॉक्टर ने नहीं निकाली थी।

डिटेल्स पता करने पर डॉक्टर को जानकारी मिली कि 29 अगस्त को अपराहन 3:42 बजे के बाद साइबर अपराधियों ने एक एक लाख कर उसी दिन 6 बार में 6 लाख रुपये निकाल लिए थे। हालांकि उक्त ट्रांजैक्शन का कोई भी मैसेज डॉ वीरेंद्र कुमार यादव को नहीं आया। सोमवार को 20 हजार की निकासी का मैसेज जब उन्हें आया तो उन्हें उनके साथ हो रहे घपले की आशंका हुई और उन्होंने अपने बैंक खाते का निरीक्षण किया।

20 हजार रुपये की निकासी का मैसेज आने पर जब उन्होंने उसी नंबर पर कॉल किया जिससे 29 अगस्त को उन्हें मैनेजर के नाम से कॉल आया था, तो उधर से सांत्वना दी गई कि ‘गलती से ट्रांजैक्शन हो गया है, आपकी राशि वापस कर दी जा रही है’। कुछ देर में इस आशय का एक फर्जी मैसेज भी उन्हें आया जिसमें ‘Your amount has been returned’ लिखा था। डॉक्टर के मुताबिक उन्हें कोई भी राशि रिटर्न नहीं की गई है। यह सारी निकासी जामताड़ा क्षेत्र से हुई बताई गई है। उन्होंने बताया कि इस मामले की रिपोर्ट में उन्होंने बांका थाना में दर्ज कराई है।

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