मनोज उपाध्याय/ पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं प्रखर समाजवादी नेता व चिंतक स्व दिग्विजय सिंह जिन्हें प्यार से सभी दादा कहते थे..आज हमारे बीच नहीं हैं। पर उनकी यादें सतत हमारे साथ हैं। उनका सपना बांका संसदीय क्षेत्र को एक आदर्श क्षेत्र बनाने का था। वह चाहते थे यहां के लोगों को वे तमाम सुख सुविधाएं प्राप्त हों, जो किसी भी विकसित क्षेत्र के लोगों को प्राप्त होते हैं।

इसके लिए उन्होंने जो सपना बुना था, अपने जीते जी उन्हें पूरा करने का हर संभव प्रयास भी उन्होंने किया। लेकिन दुर्भाग्य कि वह असमय काल कवलित हो गए। कई अवसरों पर वे कहा करते थे- गुजरात ही क्यों? बिहार क्यों नहीं? बिहार में वह सब कुछ है जिससे हम हर क्षेत्र में देश का मॉडल बन सकें।
ऐसा नहीं कि वे सिर्फ बिहार की सोचते थे। यह तो विकास की स्पर्धा में बिहार को शामिल करने की उनकी एक कोशिश थी। उनके पास समाज और देश के विकास क़ा एक विजन था। वे सच्चे अर्थों में एक नेता थे। उनकी अंतर्राष्ट्रीय छवि थी। पूर्व प्रधानमंत्री युवा तुर्क नेता स्वर्गीय चंद्रशेखर एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई जैसे महान नेताओं ने उनकी योग्यता और क्षमता को पहचाना और समय-समय पर राष्ट्रहित में उनकी योग्यता एवं क्षमता के अनुरूप उन्हें मुकम्मल जिम्मेदारी सौंपते रहें, जिन पर वे लगातार खरे भी उतरते रहे।
24 जून 2010 को जब उन्होंने महाप्रयाण किया था तो समस्त बांकावासियों के साथ साथ पूरे देश के लोगों की आंखें नम थीं। बांका और बांकावासियों के तो वे खास चहेते थे। बांकावासियों को भी वह खूब चाहते थे। निरपेक्ष होकर इस क्षेत्र के लिए उन्होंने बहुत कुछ किया। यहां के लोगों को एक राजनीतिक दृष्टि और सोच दी। एक चेतना और मनोबल दिया। बांका के लोग सदैव उन्हें याद रखेंगे। बांका लाइव परिवार की ओर से पुण्यतिथि पर उन्हें भावपूर्ण नमन!