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BREAKING : नहीं रहे धोरैया के पूर्व विधायक नरेश दास, शोक संवेदनाओं का तांता

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बांका लाइव ब्यूरो : करीब ढाई दशक तक बिहार विधानसभा में बांका जिले के धोरैया क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले वयोवृद्ध नेता नरेश दास अब नहीं रहे। बुधवार को उनका निधन हो गया। वह 80 वर्ष के थे। वह अपने पीछे एक पुत्र तथा पुत्रियों समेत भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन से क्षेत्र में शोक व्याप्त है। शोक संवेदनाओं का सिलसिला जारी है।

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फ़ाइल फोटो

स्व नरेश दास हालांकि पिछले एक दशक से राष्ट्रीय जनता दल में थे। इस दल से उन्होंने दो बार विधानसभा चुनाव में भाग्य भी आजमाया था, लेकिन उन्हें पराजय का मुंह देखना पड़ा था। वह तीन बार लगातार चुनाव लड़ कर भी विधानसभा पहुंचने से वंचित रह गए। पहले वर्ष 2000 में उन्हें जदयू के भूदेव चौधरी ने हराया तो 2005 और 2010 में जदयू के ही मनीष कुमार ने उन्हें पराजित किया।

परंतु इससे पहले वर्ष 1972 में वह पहली बार सीपीआई के टिकट पर धोरैया से विधायक बने और इसके बाद कई चुनाव एवं उप चुनाव जीतकर 25 वर्षों तक धोरैया सुरक्षित क्षेत्र का विधानसभा में प्रतिनिधित्व किया। यह सिलसिला 1972 से वर्ष 2000 तक चला हालांकि इस बीच 1985 में एक बार कांग्रेस के रामरूप हरिजन से उन्हें पराजय का भी सामना करना पड़ा था।

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विधानसभा चुनावों में कई बार लगातार मिली पराजय के बाद उन्होंने पंचायती राज में भाग्य आजमाया। एक बार वह धोरैया प्रखंड के प्रमुख भी रहे। हालांकि दूसरी बार धोरैया का प्रखंड प्रमुख बनने का उनका प्रयास सफल नहीं हो पाया और फिर वह राजद के बैनर के साथ विधायी राजनीति में सांगठनिक जिम्मेदारियों के साथ सक्रिय हो गए।

स्वर्गीय नरेश दास वर्ष 2009 में सीपीआई को छोड़ राष्ट्रीय जनता दल में शामिल हो गए।  उनके राजद में शामिल होने से पार्टी को सांगठनिक धरातल पर काफी मजबूती हासिल हुई। राजद ने भी उन्हें सम्मान दिया। राजद के वह दो बार लगातार जिलाध्यक्ष चुने गए। वर्ष 2010 से 2020 के मार्च महीने तक नरेश दास बांका जिला राजद के अध्यक्ष रहे। उनके निधन से राजद परिवार को गहरा आघात पहुंचा है। पार्टी में शोक का माहौल है।

पूर्व विधायक नरेश दास काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। इधर कुछ माह से उनके स्वास्थ्य में और भी गिरावट आई थी। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक उम्रजनित व्याधियों के साथ-साथ मधुमेह ने उन्हें काफी परेशान कर रखा था। बांका जिला अंतर्गत धोरैया के कुरमा गांव स्थित अपने पैतृक घर पर ही रह कर वह स्वास्थ्य लाभ कर रहे थे।

पिछले कुछ महीने से उनका कहीं आना-जाना भी बंद था। बताया गया कि इधर उनके स्वास्थ्य में और भी गिरावट आ गई और अंततः बुधवार को उन्होंने महाप्रयाण कर दिया। उनके निधन पर पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं बांका के पूर्व राजद सांसद जयप्रकाश नारायण यादव तथा धोरैया क्षेत्र के जदयू विधायक मनीष कुमार ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी है। उनके अलावा भी विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य लोगों ने अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

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