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अमरपुर विधानसभा क्षेत्र : महागठबंधन से राजद के राजीव कुशवाहा माने जा रहे सबसे प्रबल दावेदार

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बांका लाइव ब्यूरो (अमरपुर) : अब जबकि चुनाव आयोग ने भी स्पष्ट कर दिया है कि बिहार विधानसभा के चुनाव निर्धारित समय पर ही होंगे, बांका जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में राजनीतिक सरगर्मी एक बार फिर से काफी बढ़ गई है। विभिन्न क्षेत्रों में विभिन्न दलों के नेता और कार्यकर्ता टिकट के लिए अपनी अपनी दावेदारी पेश करने लगे हैं। अपनी दावेदारी मजबूत करने के लिए बांका से लेकर पटना तक की उनकी दौड़ तेज हो गई है।

ऐसे में पारंपरिक रूप से राजनीति के प्रशाल में बांका जिले की सबसे हॉट सीट माने जाने वाले अमरपुर विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी स्वाभाविक रूप से सर्वाधिक तेज है। इस क्षेत्र में विभिन्न दलों की ओर से टिकटों के लिए दावेदारी अभी से जोर-शोर से शुरू हो चुकी है। इसके लिए दावेदार अपनी अपनी पृष्ठभूमि निर्माण को लेकर एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं, तो कई अपने गॉडफादर के भरोसे अपनी नैया पार लगाने का सपना संजो रहे हैं।

अमरपुर क्षेत्र से वर्तमान में जदयू के विधायक हैं। क्षेत्र से जदयू के वर्तमान विधायक बौंसी निवासी जनार्दन मांझी दूसरी बार क्षेत्र से इसी दल के लिए विधायक चुने गए हैं। विगत 10 वर्षों के अपने कार्यकाल में क्षेत्र के उन्नयन और विकास की दिशा में उनका क्या कुछ और कितना योगदान रहा, इसकी चर्चा फिर कभी! लेकिन इस बार बीजेपी से गठबंधन होने की वजह से यह सीट चुनाव के दौर तक किसकी हो जाएगी या किसकी रहेगी, इस संशय ने विपक्षी दलों के हौसले को थोड़ा मजबूत जरूर कर दिया है।

इधर, अमरपुर सीट को लेकर विपक्षी दलों में भी खींचतान और घमासान का दौर तेज हो गया है। महागठबंधन की ओर से राजद, कांग्रेस और रालोसपा जैसे दलों की ओर से इस सीट के लिए अपनी अपनी दावेदारी है। लेकिन राजनीति के जानकार मानते हैं कि अमरपुर सीट अंततः राजद की ही है और इसी दल के प्रत्याशी इस बार महागठबंधन की ओर से यहां से चुनाव लड़ेंगे।

पिछले विधानसभा चुनाव में राजद का गठबंधन जदयू से था और अमरपुर सीट जदयू को मिला था। लिहाजा जदयू को यहां से भारी बहुमत से जीत मिली थी। बीजेपी यहां से चुनाव हार गई थी। अलबत्ता पार्टी के प्रत्याशी दूसरे स्थान पर रहे थे। इस बार राजद और जदयू अलग-अलग हैं, जबकि जदयू और बीजेपी एक साथ। जदयू का विधायक रहते हुए अमरपुर सीट से बीजेपी की भी दावेदारी हो रही है। एनडीए में इस सीट को लेकर क्या निर्णय होता है, यह तो पार्टी आलाकमान तय करेगा।

लेकिन इधर महागठबंधन की ओर से जो समीकरण है, उससे लगभग तय माना जा रहा है कि अमरपुर सीट से गठबंधन धर्म का पालन करते हुए राजद का प्रत्याशी उतारा जाएगा। इस स्थिति को भांपते हुए पार्टी की ओर से कई स्वघोषित प्रत्याशियों ने अभी से अपनी अपनी दावेदारी पेश कर दी है। हालांकि कुछ की दावेदारी फिलहाल सोशल मीडिया के वर्चुअल पन्नों तक ही सीमित है। भले ही उनकी ओर से विज्ञापनों में लाखों खर्च किए जा रहे हैं।

वर्षों तक आरजेडी की ओर से विधानसभा में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके पूर्व मंत्री सुरेंद्र कुशवाहा की चर्चा इस बार यहां से अब तक नहीं के बराबर है। इसके आगे जदयू ने कुशवाहा समाज के ही अपने बेलहर के तत्कालीन विधायक को लगातार दो बार यहां से उतारकर इस सीट को अपने कब्जे में रखा। इस समीकरण की निरंतरता बनाए रखते हुए आरजेडी ने भी इस बार क्षेत्र के अपने युवा नेता राजीव कुशवाहा को आगे किया है।

राजीव कुशवाहा पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों के साथ-साथ समाजिक क्रिया कलापों में भी काफी सक्रिय रहे हैं। वह स्थानीय है और अमरपुर प्रखंड अंतर्गत राजनीतिक रूप से काफी सजग एवं प्रभावी गांव सलेमपुर के रहने वाले हैं। पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनावों में भी पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में उनके प्रयासों की खूब चर्चा रही है। राजद के बड़े नेता एवं बांका के पूर्व सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश नारायण यादव के भी वह काफी निकट माने जाते हैं।

राजीव कुशवाहा ने क्षेत्र में पार्टी की ओर से चुनावी तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। पिछले सप्ताह इसी सिलसिले में उनकी बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से भी मुलाकात हुई है। इस मुलाकात के बाद श्री कुशवाहा के अमरपुर क्षेत्र से इस बार विधानसभा चुनाव में राजद की ओर से उम्मीदवारी की चर्चा जोरों पर है। स्वयं राजीव कुशवाहा ने भी इस बात से इंकार नहीं किया है। हालांकि उन्होंने सब कुछ पार्टी आलाकमान पर छोड़ने की बात कही है। लेकिन पिछले सप्ताह तेजस्वी यादव से पटना में हुई उनकी मुलाकात क्षेत्र में राजद की चुनावी रणनीतिक तैयारियों को लेकर गहरे संकेत दे रही हैं।

इधर राजद की ओर से ही टिकट पाने की होड़ में अपने अपनी दावेदारी के साथ कई अन्य नेता भी बांका से लेकर पटना तक की दौड़ लगा रहे हैं। हालांकि इनमें से ज्यादातर क्षेत्र से बाहर के रहने वालों के चेहरे हैं। अमरपुर क्षेत्र में अभी से अंदर बाहर का मुद्दा गरम हो रहा है। ऐसे में राजद भी अमरपुर क्षेत्र से अपनी उम्मीदवारी में ऐसे किसी लोचे को छोड़ने की फिराक में नहीं है, जिससे अंदर बाहर का मुद्दा उसके प्रत्याशी के लिए जनसमर्थन की पूंजी में सेंध लगाने का स्कोप बनाए।


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